राकेश जसपाल की रिपोर्ट——-
नंदिनी अहिवारा- भक्ति मय हुआ नगर हर हर महादेव के नारों से गुंजा नंदिनी अहिवारा बोल बम समिति अहिवारा द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी नंदिनी अहिवारा में कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें हजारों कांवरियों ने हिस्सा लिया यह यात्रा सुबह 6:00 बजे त्रिवेणी संगम सगनी से शुरू होकर अहिवारा के ऐतिहासिक शीतला मंदिर पहुंची जहां शिव भक्तों द्वारा भगवान शिव का जलाभिषेक किया इस आयोजन के संयोजक नटवर ताम्रकार ने अपने उद्बोधन में कहा सेवा कार्य सनातन धर्म की भावना और सामाजिक सहयोग की मिसाल है सनातन धर्म में सावन महीने के दौरान की जाने वाली यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा तपस्या और समर्पण का प्रतीक है मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को शिवजी ने अपने कंठ में धारण किया था उनके शरीर में विष की गर्मी शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल से उनका जलाभिषेक किया था पौराणिक कथाओं में परशुराम और श्रवण कुमार को पहला कांव









