रानीतराई / पाटन विधानसभा क्षेत्र के दक्षिण पाटन स्थित ग्राम रानीतराई में लाखों रुपये की लागत से बना खेल स्टेडियम इन दिनों विभागीय उपेक्षा और रखरखाव के अभाव में बदहाली के आंसू बहा रहा है। जिस स्टेडियम को युवाओं और खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने के लिए बनाया गया था, वह आज पूरी तरह उपेक्षित पड़ा है।
देखरेख के बिना जर्जर हो रहा परिसर—-
स्टेडियम परिसर में चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं। दीवारों से पानी का रिसाव (सीपेज) होने के कारण भवन धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो सरकार का लाखों-करोड़ों रुपये का यह बजट पूरी तरह बेकार हो जाएगा।
लोकार्पण के बाद भी नहीं मिला लाभ—
क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, इस स्टेडियम का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री व पाटन विधायक भूपेश बघेल के कार्यकाल में हुआ था। सत्ता परिवर्तन के बाद दुर्ग सांसद विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य और तत्कालीन सरपंच निर्मल जैन की अगुवाई में इसका भव्य लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब खिलाड़ियों को एक बेहतर मंच मिलेगा, लेकिन इसके दरवाजे अब भी उनके लिए व्यावहारिक रूप से बंद जैसे ही हैं।
छतों और खुले मैदानों में अभ्यास करने को मजबूर युवा—-
रानीतराई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों युवा सेना भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी में जुटे हैं। स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद, इसके बंद और अव्यवस्थित रहने के कारण युवाओं को सड़कों, घरों की छतों या असुरक्षित खुले मैदानों में अभ्यास करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सेवा संकल्प अभियान से बंधी नई आस—-
क्षेत्र में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के बीच अब ग्रामीणों और युवाओं में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। खेल प्रेमियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द स्टेडियम का निरीक्षण कर इसकी मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था की जाए, ताकि युवाओं को अभ्यास के लिए एक सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके।









