राकेश जसपाल की रिपोर्ट ——
सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वो होते हैं जो हमें सोने ही नहीं देते “ इस कहावत को चरितार्थ किया है ,सेजस जंजगिरी की एक शिक्षिका अंजना सिंह ने । धमधा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले विद्यालय की छात्रा श्रद्धा इंदौरिया ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने के उनके सपने को पूरा किया । इस वर्ष राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य की प्रवीण्य सूची में टॉप 10 में अपना स्थान बनाकर श्रद्धा ने धमधा विकासखंड के इतिहास के पन्नो में अपना और अपनी शिक्षिका दोनों का नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है । इसके साथ उसने अपने माता पिता , अपने गांव जंजगिरी एवं समस्त शाला परिवार को भी गौरवान्वित किया और एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है । उन्हें इस राष्ट्रीय स्तर की स्कालरशिप परीक्षा में कुल 146 अंक प्राप्त हुए हैं जो की एक बहुत ही उत्कृष्ठ प्रदर्शन है । इस वर्ष शाला से कुल 4 छात्र छात्राओं श्रद्धा इंदौरिया,जया देवांगन , गगन साहू एवं लाभेश गुप्ता को इस परीक्षा में विशेष सफलता हासिल हुईं है l इस तरह विगत 5 वर्षों में हर वर्ष सेजस जंजगिरी के विद्यार्थियों का ताबड़तोड़ चयन का सिलसिला जारी है । आगे पत्रकार से बातचीत के दौरान शिक्षिका ने बताया कि राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में कुल दो पेपर होते हैं । प्रथम प्रश्न पत्र रीजनिंग पर आधारित होता है एवं द्वितीय प्रश्न पत्र में तीनों मुख्य विषयो पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं । दोनों परीक्षाओं में अलग-अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक होता है । इन विद्यार्थियों ने आवश्यक अंक प्राप्त करके चयनित होकर दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक का नाम पूरे देश में रोशन किया है । ज्ञातव्य है कि हर चयनित विद्यार्थी को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए नवमी से बारहवीं तक हर वर्ष 12,000 रुपए सालाना मिलेंगे । इस तरह चार साल में कुल 48,000 रुपये हर चयनित विद्यार्थी को मिलेंगे । यह राशि निश्चित रूप से उनके अध्ययन में सहायक बनेगी । इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन के लिए मेंटर शिक्षिका अंजना सिंह ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त छात्रवृत्ति परीक्षाओं के नोडल अधिकारी पवन सिंह सर को दिया है । उनके द्वारा दिए गए शोर्ट ट्रिक्स को ही वह अपने विद्यार्थियों को देती थीं । उन्होंने आगे बताया की वो किस तरह बच्चों को तैयार करती हैं । सबसे पहले तो बच्चों को मोटिवेट करने का कार्य करती हैं , छठवीं से लेकर आठवी तक का कोर्स पूरा एक बार रिवाइज करवाती हैं । साथ ही साथ उन्हें रीजनिंग के शॉर्ट ट्रिक्स भी देती हैं । जिससे उनका मनोबल सुदृढ़ होता है और चयन की राह भी थोड़ी आसान हो जाती है । इस परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष पठन सामग्री भी वह प्रदान करती हैं । स्कूल के सीमित 5 घंटों में इस तरह की तैयारी बिल्कुल संभव नहीं होती है । तो वो रुककर अतिरिक्त समय देकर बच्चों को तैयारी करवाती हैं । आगे बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने अपने बच्चों की सफलता का पूरा श्रेय अंजना मैडम को देते हुए कहा कि मैडम पूरे साल भर रोज़ शाम को भी 3 घंटे तक ऑनलाइन क्लास देती हैं । जरूरतमंद बच्चों को पठन सामग्री भी अपनी तरफ़ से प्रदान करती हैं l शिक्षिका का यह मानना है की शिक्षण कार्य ही उनकी पहचान है और वह एक शिक्षिका के तौर पर देश की सेवा करते हुए अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस करती है । उल्लेखनीय है कि इस वर्ष दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक से कुल 61 विद्यार्थी चयनित हुए हैं । इतनी कड़ी प्रतियोगिता में भी 4 बच्चों का चयन होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है l जंजगीरी के समस्त नागरिक इस सफलता से बहुत खुश हैं और समस्त शाला परिवार एवं एस एम सी परिवार ने भी शिक्षिका और उनके
“सुपर फोर“ बच्चों को बधाइया भेजी हैं । जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री केशव पटेल, धमधा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अथर्व शर्मा एवम्
एबीईओ श्री कैलाश साहू श्रीमती संगीता देवांगन आदि ने शिक्षिका एवं सभी चयनित बच्चों को बधाई संदेश प्रेषित किया है l उन्हें उम्मीद है कि सेजस जंजगिरी के बच्चे शिक्षिका के नेतृत्व में आगे भी सफलता के नए आयाम गढ़ेंगे । स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शाला जंजगिरी
की प्राचार्या श्रीमती मिनी गोपीनाथन ने तुरंत इस सफलता की जानकारी स्थानीय लोगो एवं एसएमसी टीम वालो से साझा की और सभी चयनित बच्चों को एवं मेंटोर शिक्षिका को बधाई दी । प्राचार्या ने शिक्षिका से आगे भी इसी तरह शाला का नाम रोशन करने की इच्छा जाहिर की है









