पाटन/रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 9 जून 2026 को जारी उस आदेश का कड़ा विरोध किया है, जिसमें प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं को वित्त विभाग के समयमान वेतनमान में समाहित करने की बात कही गई है। फेडरेशन ने इस आदेश को पूरी तरह से औचित्यहीन और विसंगतिपूर्ण बताया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, जिलाध्यक्ष चंचल कुमार द्विवेदी और जिला सचिव लक्ष्मीकांत तिवारी सहित फेडरेशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर शासन के इस निर्णय पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सहायक शिक्षकों के सामने खड़ी हुई बड़ी विसंगति
फेडरेशन के पदाधिकारियों (ब्लॉक अध्यक्ष पाटन प्रदीप वर्मा, उपाध्यक्ष खिलेंद्र साहू, हरिशंकर देवांगन, ब्लॉक सचिव सुशील साहू, तोरण साहू, शेष नारायण साहू, रोहित अहीर, देवेंद्र साहू, करुणा पटेल, पूर्णेश यादव एवं दरबार साहू) ने बताया कि सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए वर्तमान में त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का कोई आदेश ही अस्तित्व में नहीं है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों से विकल्प भरवाना समझ से परे है।
शिक्षकों के सामने खड़ी असमंजस की स्थिति को स्पष्ट करते हुए फेडरेशन ने दो मुख्य बिंदु रखे हैं:
यदि क्रमोन्नति का विकल्प चुना: अगर सहायक शिक्षक क्रमोन्नति योजना का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें अन्य शासकीय सेवकों की तरह ‘तृतीय उच्चतर वेतनमान’ (30 वर्ष की सेवा पर मिलने वाला लाभ) से वंचित होना पड़ेगा।
यदि समयमान का विकल्प चुना: यदि वे समयमान योजना का विकल्प चुनना चाहें, तो तकनीकी रूप से यह संभव ही नहीं है, क्योंकि सहायक शिक्षकों के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ शासन स्तर से अभी तक स्वीकृत ही नहीं किया गया है। जबकि उच्च वर्ग शिक्षक, व्याख्याता और प्राचार्यों को समयमान वेतनमान का लाभ पहले से ही मिल रहा है।
क्या है वेतनमान का पूरा गणित?
फेडरेशन के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के 24 अप्रैल 2006 के आदेश के तहत सहायक शिक्षकों (मूल वेतनमान 4000-6000, ग्रेड पे 2400) को 12 और 24 वर्ष की सेवा पर क्रमशः 4200 और 4300 ग्रेड पे की क्रमोन्नति स्वीकृत थी। बाद में 10 मार्च 2017 के आदेश से इसे 10 और 20 वर्ष कर दिया गया।
दूसरी ओर, वित्त विभाग के निर्देश (11/2008) के तहत समयमान वेतनमान योजना लागू की गई, जिसमें सेवाकाल की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाती है। चूंकि सहायक शिक्षकों को इस योजना के दायरे में विधिवत लाया ही नहीं गया है, इसलिए उनके लिए विकल्प फॉर्म भरना असंभव हो गया है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से गुहार, तिथि बढ़ाने की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) और सचिव (स्कूल शिक्षा विभाग) से मांग की है कि:
सबसे पहले सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए।
जब तक यह विसंगति दूर नहीं होती, तब तक विकल्प पत्र भरने की अंतिम तिथि में वृद्धि की जाए।









