भिलाई में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई भगवान श्रीजगन्नाथ की बाहुड़ा यात्रा

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विमल थापा भिलाई —-

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​भिलाई/लौटती रथयात्रा यानी पावन बाहुड़ा यात्रा शुक्रवार को भिलाई नगर में पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और अद्वितीय उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के भव्य रथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
​’छेरा पहरा’ की परंपरा से हुई शुरुआत
​यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. सचिदानंद शुक्ला ने पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाई। उन्होंने भगवान के रथ के समक्ष सोने/चांदी की झाड़ू से बुहारकर नम्रता और सेवा भाव का संदेश दिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा को भक्तिभाव से रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
​जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ मार्ग
​भगवान का रथ सेक्टर-5 चौक से होते हुए अपने गंतव्य श्री मंदिर (सेक्टर-6 स्थित जगन्नाथ मंदिर) पहुंचा। पूरे यात्रा मार्ग के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर महाप्रभु का आत्मीय स्वागत किया। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर पहुंचने पर विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती का आयोजन किया गया।
​गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
​इस पावन आयोजन में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के डीन प्रो. अरूप श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
​आयोजन समिति ने यात्रा के सकुशल एवं भव्य आयोजन पर अपार प्रसन्नता व्यक्त की तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं सेवादारों का हृदय से आभार प्रकट किया।
​भिलाई।
लौटती रथयात्रा यानी पावन बाहुड़ा यात्रा शुक्रवार को भिलाई नगर में पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और अद्वितीय उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के भव्य रथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
​’छेरा पहरा’ की परंपरा से हुई शुरुआत
​यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. सचिदानंद शुक्ला ने पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाई। उन्होंने भगवान के रथ के समक्ष सोने/चांदी की झाड़ू से बुहारकर नम्रता और सेवा भाव का संदेश दिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा को भक्तिभाव से रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
​जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ मार्ग
​भगवान का रथ सेक्टर-5 चौक से होते हुए अपने गंतव्य श्री मंदिर (सेक्टर-6 स्थित जगन्नाथ मंदिर) पहुंचा। पूरे यात्रा मार्ग के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर महाप्रभु का आत्मीय स्वागत किया। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर पहुंचने पर विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती का आयोजन किया गया।
​गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
​इस पावन आयोजन में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के डीन प्रो. अरूप श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
​आयोजन समिति ने यात्रा के सकुशल एवं भव्य आयोजन पर अपार प्रसन्नता व्यक्त की तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं सेवादारों का हृदय से आभार प्रकट किया।

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