चार दिवसीय राज्यस्तरीय मानस प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न, छत्तीसगढ़ी लोक रामायण ग्रंथ से आचार्य हरीश सम्मानित,

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बागबाहरा / व्याख्या प्रभाग बागबाहरा एवं मानस प्रशिक्षण समूह खिसोरा के संयुक्त तत्वावधान में नवापारा में चार दिवसीय राज्यस्तरीय मानस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी प्रशिक्षक पहुंचे। दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के ग्राम उरला से आचार्य हरीश ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए व्याख्यान प्रशिक्षण में भाग लिया। कुल 224 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आचार्य हरीश ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को श्रीराम कथा, रामचरितमानस, भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है।

चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों को रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों, कांडों और चौपाइयों का अध्ययन कराया गया।

प्रशिक्षक के रूप में आचार्य चिंताराम जी, प्रेमलाल जी, डॉ. लोकेश जी एवं रामदयाल जी ने श्रीराम के जीवन चरित्र, आदर्श, मर्यादा, सत्य, त्याग, सेवा और कर्तव्य जैसे मूल्यों की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य आयोजक आचार्य प्रमोद जी ने कहा कि “रामचरितमानस सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन का मार्गदर्शक है। यह जीवन को सही दिशा देने वाला महत्वपूर्ण ज्ञान-स्रोत है। भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, अनुशासन, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।”

रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। आचार्य रामदयाल ने मानस गायन, कथा वाचन तथा रामचरितमानस के अध्ययन के प्रति प्रेरित किया।

आचार्य प्रेमलाल ने कहा कि रामचरितमानस में वर्णित आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया जा सकता है।

समापन अवसर पर आचार्य हरीश को *छत्तीसगढ़ी लोक रामायण ग्रंथ* भेंट कर सम्मानित किया गया। आचार्य हरीश ने सभी प्रमुख आयोजक सदस्यों व आचार्यजनों का आभार माना।

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