भिलाई। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 अक्टूबर 2026 को अंबेडकर चौक, पावर हाउस भिलाई में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया गया। सुबह 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में नगर के विभिन्न अंबेडकरवादी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों और भगवान बुद्ध के धम्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महादेव कावरे (आईएएस) एवं दिलीप वासनीकर (आईएएस) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अंबेडकर प्रतिमा प्रबंध समिति, पावर हाउस भिलाई के अध्यक्ष सुनील रामटेके ने की। कार्यक्रम की शुरुआत प्रमुख अतिथियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की विशाल आदमकद प्रतिमा तथा तथागत भगवान बुद्ध के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 14 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर ने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर समाज को समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और मानवता का मार्ग दिखाया था।वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध का मार्ग शांति, विज्ञान और जागृति का मार्ग है। यदि विश्व बुद्ध के विचारों और उनके बताए रास्ते को अपनाए, तो युद्ध और हिंसा की परिस्थितियों को कम किया जा सकता है। बुद्ध के विचार आज भी समाज में शांति, सद्भाव और सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रासंगिक हैं। 
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अनिल गजभिए, युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौतम खोबरागड़े, सुजाता रामटेके, सुभाष चौहान, प्रकाश श्यामकुंवर, महेंद्र वाघमारे, शुभम बोरकर, भागवत सेंडे, यशवंत रामटेके, भागीरथी दास, शिवदास रामटेके, सचिन श्यामकुंवर, छोटू लांजेवार सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी समिति के सचिव अजय मेश्राम ने दी।









