डौंडीलोहारा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला बालोद के नेतृत्व में शासकीय एकलव्य महाविद्यालय, डौंडीलोहारा में विद्यार्थियों की समस्याओं एवं महाविद्यालय की व्यवस्था को लेकर प्राचार्य को हटाने की मांग के साथ किए गए आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर विद्यार्थियों के हित में आवाज उठाई और अपनी मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा।
विद्यार्थी परिषद के आंदोलन एवं लगातार प्रयासों के बीच छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया, जिसमें शासकीय एकलव्य महाविद्यालय, डौंडीलोहारा में सहायक प्राध्यापक श्री मयंक मंडावी को आगामी आदेश तक प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है।
यह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों की एकजुटता तथा छात्रहित में किए गए संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर अपनी समस्याओं को सामने रखा और महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण की मांग की।

*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला बालोद कि नगर सह मंत्री विद्या साहू* विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर व्यवस्था के लिए संघर्षरत रही है। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना परिषद की प्राथमिकता है। जब भी विद्यार्थियों के अधिकारों की अनदेखी होगी, विद्यार्थी परिषद आवाज उठाने के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
विद्यार्थी एकता की जीत, संघर्ष की जीत।
*बालोद की जिला छात्रा प्रमुख व डौंडी लोहारा नगर मंत्री रिषिका बारले* ने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों के हितों, उनकी समस्याओं एवं शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संघर्षरत रही है। डौंडी लोहारा महाविद्यालय में विद्यार्थियों के हितों को लेकर किए गए इस आंदोलन में कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने एकजुटता, साहस और संगठनात्मक शक्ति का परिचय दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद *प्रांत सह मंत्री सुश्री मनीषा राणा जी* का कहना है कि जब विद्यार्थी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तो सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ते हैं। यह आंदोलन विद्यार्थियों की एकता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।
परिषद ने आंदोलन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं तथा सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही, महाविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं का उचित समाधान करने और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला बालोद के जिला संयोजक दिपेश साहू* ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के सम्मान, अधिकारों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी। विद्यार्थियों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर परिषद आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करती रहेगी।









