गुंडरदेही (साजा)। सहाड़ा चौक गणेश उत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध ‘सुर संगम’ रिकॉर्डिंग डांस ग्रुप मोगरी के कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से रात भर दर्शकों को बांधे रखा। इस दौरान बच्चों और महिलाओं ने पारंपरिक खेलों के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, जनपद पंचायत गुंडरदेही की सभापति हेमपुष्पा साहू ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, संस्कार, परंपरा और तीज-त्योहारों में गणेश चतुर्थी का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इस तरह के आयोजनों में महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी से हमारी समृद्ध लोक संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष देवेंद्र यदु ने स्वागत भाषण में कहा कि पूरे देश में गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। आज की युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं और संस्कृति को संजोकर रखने के लिए ऐसे मंच तैयार कर रही है, जहाँ स्थानीय प्रतिभाओं को अपने हुनर का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है।
विशेष अतिथि एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक थानसिंह मंडावी (पूर्व सांसद प्रतिनिधि) ने गणेशोत्सव के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सन 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव की नींव रखी थी, ताकि समाज एक सूत्र में बंधकर एकजुट हो सके। उन्होंने आगे कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं और ऐसे सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-परंपराओं को मजबूत करते है.
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में सरपंच प्रतिनिधि भीषम साहू, पूर्व सरपंच घनाराम साहू, पंच रोहिल सेन, धनेश्वर साहू, लाल बहादुर निर्मल, रोहित साहू और भागीरथी साहू उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में सहाड़ा चौक गणेश उत्सव समिति के सदस्य राजा साहू, लाभेंद्र सिन्हा, दीपेश यदु, राहुल देव, युमेंद्र सिंह यदु, हिमांशु निर्मल, तरुण यदु, मोनू साहू, लक्ष्मीकांत सिन्हा, नमन यदु, विकास सिन्हा, दीपक सिन्हा, साहिल निर्मल, डेविस यदु, तुषार यदु, चैतन्य साहू, यशु निर्मल, ओम सिन्हा, नीलकमल यादव, संतोष यदु, हेमंत यदु, टाकेस साहू और श्रवण जोशी सहित भारी संख्या में ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।









