तिरगा (दुर्ग)। ग्राम पंचायत तिरगा में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला अब गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। शिकायतकर्ता महेश कुमार बेलचंदन ने आरोप लगाया है कि दिनांक 03 जून 2026 को ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर श्री बिसौहा राम देशमुख द्वारा शासकीय/सार्वजनिक भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण की जानकारी दी गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी पंचायत ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत दिए जाने के समय निर्माण कार्य जारी था और पंचायत के पास उसे रोकने का पूरा अवसर था। इसके बावजूद न तो निर्माण कार्य रुकवाया गया, न ही किसी प्रकार का नोटिस जारी किया गया। परिणामस्वरूप आज उक्त निर्माण पूर्ण हो चुका है और कथित रूप से वहां निजी किराना दुकान का संचालन भी शुरू हो गया है।
महेश कुमार बेलचंदन का कहना है कि यदि पंचायत वास्तव में शासकीय भूमि की रक्षा के प्रति गंभीर होती तो शिकायत प्राप्त होते ही जांच कर कार्रवाई करती। लेकिन शिकायत के बाद भी किसी प्रकार की प्रशासनिक पहल न होना कई सवालों को जन्म देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में सरपंच का संरक्षण प्राप्त होने के कारण ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण केवल भूमि का कब्जा नहीं, बल्कि सार्वजनिक अधिकारों पर सीधा अतिक्रमण है। यदि शिकायतों के बावजूद ऐसे मामलों को अनदेखा किया जाता रहा, तो गांव में कानून और प्रशासन की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
अब ग्रामीणों और शिकायतकर्ता की मांग है कि उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर स्थल निरीक्षण कराएं, पंचायत की भूमिका की जांच करें तथा शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
“जब शिकायत के बाद भी अवैध निर्माण पूरा हो जाए और दुकान संचालित होने लगे, तब सवाल केवल अतिक्रमण का नहीं बल्कि कार्रवाई न होने के कारणों का भी उठता है।”







