दुर्ग/तिरगा | विशेष रिपोर्ट
24 जून को पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई। ग्राम पंचायत तिरगा में 227 परिवारों की सूची पढ़ी गई, लेकिन चर्चा के दौरान सामने आया कि कई वास्तविक जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं।
इसी विषय पर 25 जून को ग्राम पंचायत तिरगा के शिक्षित युवा एवं जनहित के मुद्दों पर सक्रिय महेश कुमार बेलचंदन ने पंचायत एवं ग्राम सभा को लिखित सुझाव सौंपा। उनके आवेदन का मुख्य संदेश था—
“प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को ही मिले। हमारा उद्देश्य किसी का नाम कटवाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे।”
उन्होंने स्पष्ट लिखा—
“योजना का अधिकार उसी को मिले, जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता है।”
ग्राम सभा में भी इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई। अधिकांश लोगों की राय थी कि किसी पात्र व्यक्ति का नाम न कटे और सभी जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिले।
तिरगा से उठी यह पहल जनहित, पारदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती है। ऐसे समय में जब योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर सवाल उठते हैं, यह सुझाव समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।









