राष्ट्रीय जनसभा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शत्रुहन बारले ने कल रायपुर के ग्राम नकटी में शासन और प्रशासन द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय और गरीब विरोधी करार देते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है
शत्रुहन बारले ने कहा की “कल ग्राम नकटी में जिस तरह भारी पुलिस बल तैनात करके, चारों तरफ बैरिकेडिंग कर पूरे गांव को छावनी में बदल दिया गया, वह बेहद निंदनीय है। प्रशासन ने अपनी ताकत का इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने में नहीं, बल्कि सीधे-साधे और बेकसूर ग्रामीणों को डराने के लिए किया।”
प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कड़ाके की धूप/मौसम की परवाह किए बिना, वहां के स्थानीय लोगों को जबरदस्ती उनके ही आशियानों और घरों से बाहर खींचकर निकाल दिया गया। इस तानाशाही रवैये के कारण आज सैकड़ों गरीब परिवार, महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उन्हें पल भर में बेघर कर दिया गया।
शत्रुहन बारले ने सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के, कोई प्रशासन अपने ही नागरिकों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कैसे कर सकता है? क्या गरीबों के सिर पर छत होना अब इस प्रदेश में अपराध बन गया है?
राष्ट्रीय जनसभा पार्टी इस पूरी कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि:
1. बेघर किए गए सभी परिवारों के रहने और भोजन की तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
2. प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और स्थाई पुनर्वास (पक्के मकान) मुहैया कराया जाए।
3. इस अमानवीय कार्रवाई के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
“राष्ट्रीय जनसभा पार्टी ग्राम नकटी के पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। अगर शासन और प्रशासन ने तुरंत इन बेघर लोगों को न्याय और पुनर्वास नहीं दिया, तो हमारी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। हम गरीबों के आंसुओं का हिसाब मांग कर रहेंगे।”
शत्रुहन बारले प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय जनसभा पार्टी
छत्तीसगढ़ 6261143058









