गुरमीत सिँह मेहरा ——-
दुर्ग /मेघगंगा ग्रुप के चेयरमैन मनीष पारख आज दुर्ग जिले के सफल उद्यमी के रूप में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। लेकिन उनकी यह पहचान केवल उनके व्यापारिक साम्राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकार, जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें विशेष रूप से जाना जाता है।
इसी सामाजिक दायित्व को लगातार निभाने और जनकल्याणकारी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए मनीष पारख को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें भारत सरकार के केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री माननीय रामदास आठवले के हाथों प्राप्त हुआ।
पिता के पदचिह्नों पर चलकर चुनी सेवा की राह
व्यापारिक व्यस्तताओं के बीच सामाजिक कार्यों के लिए समय निकालना मनीष पारख की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने इसका श्रेय अपने पिताजी को देते हुए कहा कि यह उनके द्वारा दी गई शिक्षा, दिखाए गए रास्ते और सामाजिक जुड़ाव का ही परिणाम है। शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर जागरूकता या शहर का विकास हो—मनीष पारख ने हर क्षेत्र में आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर आभार व्यक्त करते हुए मनीष पारख ने कहा की “डॉक्टरेट की इस उपाधि के लिए मैं आप सभी के स्नेह और साथ के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान मुझे समाज के प्रति और अधिक जिम्मेदारी से काम करने की प्रेरणा देता है।”
मनीष पारख: उद्यम और सामाजिक कार्यों का बेजोड़ संगम
मनीष पारख ने अपने विभिन्न उपक्रमों और अभियानों के माध्यम से समाज में जो बदलाव लाने का प्रयास किया है, उसकी मुख्य झलकियाँ इस प्रकार हैं:
स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल:
लाइफकेयर डायग्नोस्टिक्स (NABL मान्यता प्राप्त): इसके माध्यम से लगातार निशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
7 वर्षों से मुफ्त एम्बुलेंस सेवा: आपातकालीन स्थिति में मरीजों की मदद के लिए पिछले 7 सालों से निरंतर फ्री एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है।
हेल्थ कार्ड की शुरुआत: लोगों में रूटीन स्वास्थ्य जाँच को बढ़ावा देने के लिए विशेष हेल्थ कार्ड शुरू किए गए हैं।
शिक्षा और कौशल विकास (Skill Development):
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत कर कौशल विकास को बढ़ावा दिया।
महावीर स्कूल का जीर्णोद्धार: महावीर स्कूल के अध्यक्ष के रूप में स्कूल की बुनियादी संरचना को सुधारा और बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) व पढ़ाई में हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया।
शहर का सौंदर्यीकरण (मोर शहर मोर जिम्मेदारी):
’मोर शहर मोर जिम्मेदारी’ अभियान के तहत दुर्ग जिले के प्रमुख चौक-चौराहों का कायाकल्प और सौंदर्यीकरण कराया। इनमें गांधी चौक, शहीद चौक, Y शेप ब्रिज चौक और कचहरी चौक शामिल हैं
सुरक्षा और साइबर जागरूकता:
साइबर प्रहरी अभियान: दुर्ग रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग और दुर्ग पुलिस के साथ मिलकर साइबर क्राइम के विरुद्ध रेंज स्तरीय जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सेदारी निभाई।
यातायात व्यवस्था में सहयोग: शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को ट्रैफिक बैरिकेड्स का वितरण किया।
मनीष पारख को मिली यह डॉक्टरेट की उपाधि इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो व्यापारिक ऊंचाइयों को छूने के साथ-साथ समाज को भी एक बेहतर दिशा दी जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि पर दुर्ग जिले सहित पूरे प्रदेश के उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है।









