लंबित पदोन्नति एवं पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने कर्मचारी संघ ने कलेक्टर दुर्ग को सौंपा विस्तृत ज्ञापन 15 दिवस में विभागवार अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की मांग, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग ने शासकीय कर्मचारियों की लंबित सेवा संबंधी समस्याओं एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का विभागीय स्तर पर पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, जिला दुर्ग को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल निराकरण की मांग की है।

संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने बताया कि जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक दिनांक 19 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अनेक विभागों में इन निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा उन्हें अपने ही सेवा संबंधी अधिकारों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (शासकीय कर्मचारी कल्याण शाखा) के पत्र दिनांक 10 सितंबर 2024 में कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद एवं समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मंशा स्पष्ट की गई है। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित कर उसमें मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाना अपेक्षित है। इसके बावजूद जिला दुर्ग में नियमित बैठक आयोजित नहीं होने से कर्मचारियों की समस्याएं लंबित हैं।

संघ ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं—

1. जिला परामर्शदात्री समिति की नियमित बैठक: शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में बैठक आयोजित की जाए तथा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों को बैठक की तिथि एवं एजेंडा की सूचना समयपूर्व दी जाए। पूर्व बैठकों के निर्णयों की विभागवार समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

2. समयबद्ध पदोन्नति एवं DPC: जिले के सभी विभागों में रिक्त पदों की समीक्षा कर पात्र कर्मचारियों की अद्यतन वरिष्ठता सूची तैयार की जाए तथा लंबित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित कर पदोन्नति प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण किया जाए। सेवानिवृत्ति के निकट कर्मचारियों के प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाए।

3. समयमान एवं क्रमोन्नत वेतनमान: निर्धारित सेवाकाल पूर्ण कर चुके पात्र कर्मचारियों के समयमान, क्रमोन्नत एवं उच्चतर वेतनमान के लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर स्वीकृति प्रदान की जाए। कर्मचारियों को एरियर सहित समस्त देय वित्तीय लाभ दिलाए जाएं।

4. पेंशन एवं सेवानिवृत्ति स्वत्व: आगामी 12 माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण समयपूर्व तैयार कराए जाएं। सेवानिवृत्ति तिथि के पूर्व PPO जारी कराया जाए तथा सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों को PPO, पेंशन स्वीकृति संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं। ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नगदीकरण, समूह बीमा (GIS) एवं अन्य देय स्वत्वों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

5. सेवापुस्तिका का नियमित संधारण: सभी विभागों में कर्मचारियों की सेवापुस्तिकाओं का वार्षिक सत्यापन, वेतन निर्धारण, सेवा सत्यापन एवं आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूर्ण कराई जाएं, ताकि सेवानिवृत्ति के समय पेंशन एवं अन्य भुगतान में परेशानी न हो।

6. अन्य विभागीय समस्याएं: वेतन विसंगति, लंबित वेतनवृद्धि, एरियर भुगतान, अवकाश स्वीकृति, स्थानांतरण, सेवा अभिलेखों में सुधार एवं अन्य स्थापना संबंधी समस्याओं का विभागीय स्तर पर समयबद्ध निराकरण किया जाए।

7. विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही: जिले के समस्त विभाग प्रमुखों से लंबित कर्मचारी प्रकरणों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर निराकरण की स्थिति एवं विलंब के कारणों सहित प्रतिवेदन लिया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए।

संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को 15 दिवस के भीतर प्रारंभिक अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं। जिन प्रकरणों का निराकरण इस अवधि में संभव नहीं है, उनके संबंध में स्पष्ट कारण एवं निराकरण की निश्चित समय-सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही, ज्ञापन पर की गई कार्यवाही एवं जारी निर्देशों से छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग को लिखित रूप में अनिवार्यतः अवगत कराया जाए।

15 दिवस में कार्यवाही नहीं हुई तो होगा चरणबद्ध आंदोलन

भानु प्रताप यादव ने कहा कि कर्मचारी संगठन शासन-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कर्मचारियों की समस्याओं का शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक समाधान चाहते हैं। संघ का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को उनके नियमानुसार देय अधिकार एवं सुविधाएं दिलाना है। किंतु बैठक में निर्णय होने और अधिकारियों को निर्देश दिए जाने के बावजूद यदि उनका पालन नहीं होता है, तो यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित 15 दिवस की अवधि में प्रभावी कार्यवाही नहीं होने पर जिले के कर्मचारी संगठनों के साथ विचार-विमर्श कर चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संघ ने जिला प्रशासन से कर्मचारी हितों, शासन की कल्याणकारी मंशा एवं जिला परामर्शदात्री समिति की गरिमा को ध्यान में रखते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की मांग की है।

भानु प्रताप यादव
जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग
जिला मीडिया प्रभारी, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, दुर्ग।

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